Mehandipur Balaji Tips For First Time Visitors In Hindi | पहली बार मेहंदीपुर बालाजी जाने वालों के लिए कुछ जरूरी टिप्स
नमस्कार मित्रों, श्रीराम दूत हनुमान जी के बाल रूप के कारण विख्यात राजस्थान के दौसा जिले मे मेहंदीपुर बालाजी महाराज के दर्शनों के लिए आप लोग एक या इससे अधिक बार आप लोग यहां आये होंगे। हर तीर्थ स्थान की भांति आपने कुछ अच्छे और कटु अनुभव भी किए होंगे। कुछ अनुभव ऐसे अवश्य होंगे जिनसे आपने कुछ सीख ली होगी ताकि अगली बार जब भी कभी आप यहाँ आए तो पिछले अनुभव का आप इस प्रकार उपयोग करें ताकि आपकी यात्रा सहज और सुगम हो सके। इस पोस्ट के द्वारा हम Mehandipur Balaji Tips For First Time Visitors In Hindi यानि पहली बार मेहंदीपुर बालाजी जाने वालों के लिए कुछ जरूरी टिप्स बताने जा रहे हैं ताकि आपको अतिरिक्त परेशानी न उठानी पड़े और आप सहजता से दर्शन कर पाए।
- यह स्थान आगरा जयपुर मार्ग पर स्थित है और देश की राजधानी दिल्ली से यहां की दूरी 250 किलोमीटर और दौसा से 50 किलोमीटर है।
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- अर्जी लगाना चाहते हैं तो उसका समय सुबह 11:30 बजे तक का ही है। अगर अर्जी लगाने आए हैं तो पहले ही चेक कर लें कि उस दिन एकादशी की तिथि न हो या सूर्य ग्रहण या चन्द्र ग्रहण न पड़ रहा हो क्योंकि इन दोनों अर्जी नहीं लगती है।
- भक्तों के लिए मंदिर प्रातः 06:00 बजे खुल जाता है जो कि रात्रि 09:00 बजे तक खुला रहता है। दिन में लगभग आधे घंटे के लिए दर्शन रोक दिए जाते हैं जिसका समय 11:30 बजे से 12:00 बजे तक का है। इस बीच बालाजी महाराज को भोग लगाया जाता है।
- मंगलवार और शनिवार को बहुत ही अधिक भीड़ का सामना आपको करना पड़ सकता है इसलिए यदि आप महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ जा रहे हैं तो एक बार जरूर सोच ले। बेहतर होगा कि आप अन्य दिन का चुनाव करे ताकि अपेक्षाकृत कम असुविधा का सामना करना पड़े।
- अगर आप सिर्फ दर्शन करना चाहते हैं तो आपके लिए सबसे उपयुक्त समय अपराह्न 1 बजे से 04:30 बजे का है क्योंकि सामान्यतः इस बीच मंदिर में कम भीड़ होती है।
- वह लोग जो संकट से पीड़ित हैं और उपचार हेतु यहां आए हैं उनके लिए आरती के छींटे का समय सुबह शाम 6 बजे और प्रेतराज सरकार जी की कचहरी का समय दिन में 02:00 बजे से 04:00 बजे का है।
- जूते चप्पल पहन कर मंदिर में प्रवेश न करें। उचित स्थान पर हाल में इन्हें उतार दे या फिर प्रसाद की दुकान पर भी उतार सकते हैं और दुकानदार को बता दे।
- मन्दिर के आसपास का क्षेत्र और सड़क काफी खराब है। साफ सफाई की कमी साफ झलकती है जिससे आपको परेशानी हो सकती है। आपको इसके लिए तैयार रहना चाहिए।
- जेबकतरो से सावधान रहने की सतर्कता बरतनी अति आवश्यक है क्योंकि यहां भीड़ ज्यादा रहने के कारण जेब आदि काटने की वारदातों में बढ़ोतरी हो रही है। पहली बार मेहंदीपुर बालाजी जाने वालों के लिए यह जानना आवश्यक है।
- यहां सभी होटल, भोजनालय और ढाबे में भोजन पूर्णतः शाकाहारी मिलता है। प्याज लहसुन आदि भी सब्ज़ी और दाल में नहीं डाली जाती। तीर्थ की शुद्धता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है।
- जयपुर यहां से करीब 100 किलोमीटर दूर है। भरतपुर की bird santuary यहां से मात्र एक से डेढ़ घंटे की दूरी पर स्थित है। मथुरा, वृंदावन आदि भी पास ही है और आसानी से जाया जा सकता है।
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