मेहंदीपुर बालाजी में सिंह रूपी हनुमान मन्दिर जिसे शेर रूपी बालाजी मंदिर भी कहा जाता है। इस मंदिर के बारे में अधिकांश लोग अपरिचित हैं। लेकिन इस मन्दिर की प्रसिद्धि दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है।
मेहंदीपुर बालाजी से इस सिंह रूपी बालाजी मंदिर जाने के लिए बस, ऑटो या फिर कोई अन्य सवारी मिल जाती है। कुछ लोग मेहंदीपुर से यहां पैदल भी चले जाते हैं क्योंकि एक छोटा रास्ता रिहाइशी घरों के बीच मे से होकर पहाड़ी के ऊपर से निकलता है।
लेकिन बीच में पहाड़ी होने के कारण ज्यादातर लोग ऑटो से ही जाना पसंद करते हैं। ज्यादा जानकारी न होने के कारण यह शेर रूपी बालाजी मंदिर काफी समय तक लोगों की भीड़ से दूर रहा।
अधिकतर लोग मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करके वहां से वापिस चले जाते थे। लेकिन धीरे-धीरे जैसे लोगों की मान्यता बढ़ी और अन्य लोगों को इस शेर रूपी बालाजी मंदिर का ज्ञान हुआ तब से लोगों का यहां आना बढ़ता ही जा रहा है।
ज्यादातर लोग इस सिंह रूपी हनुमान मन्दिर के दर्शन करने के लिए आते हैं। पहाड़ी के बिल्कुल ऊपर होने के कारण यह दूर से नजर नहीं आते। इस शेर रूपी बालाजी मंदिर मे मूर्ति के सामने जाते ही ऐसा महसूस होता है मानो शेर रूप में हनुमान जी बैठे हो।
साथ ही साथ इस पहाड़ी के बीचो बीच एक गुफा है जिसमें बालाजी महाराज की पूरी आकृति उभरी हुई है जिसे देखने दूर दूर से यहां आते हैं।
अधिक पूछने पर पता चला कि ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं है कि सिंह रूपी मूर्ति जो पहाड़ी पर अपने आप बनी है ऐसा भी यहां कोई मंदिर है। यहां आने वाले लोगों ने कहा कि यहां आकर उनको शांति मिलती है तथा उनकी कई मनोकामना पूरी होने के बाद ही मेहंदीपुर वाले शेर रूपी बालाजी मंदिर मे आस्था बढ़ती जा रही है।
भक्तों, अगर आप इस मंदिर में गए हैं और यहां बालाजी महाराज के दर्शन करके आए हैं तो नीचे कमेन्ट बॉक्स मे जाकर जरूर बताये और यह भी बताएं कि शेर रूपी बालाजी मंदिर मे आपका अनुभव कैसा रहा।
भक्तों, यह मेहंदीपुर बालाजी ब्लॉग वेबसाइट श्री बालाजी महाराज से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी देने के लिए बनाई गई है। बालाजी महाराज से जुड़ी एक एक जानकारी आपको यहां मिलती रहेगी। अगर आप जानकारियों से अपडेट रहना चाहते हैं तो हमारा newsletter subscribe जरूर करे।
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