भक्तों, आज हम आपको बताएंगे कि कलयुग मे श्री हनुमान जी कहां रहते हैं?
जी हां, बिल्कुल ठीक पढ़ा आपने।
आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि पवन पुत्र बजरंग बली हनुमान किन किन जगहों पर अपने साक्षात रूप मे उपस्थित रहते हैं?

हनुमान जी को कलयुग का देवता माना जाता है।
ऐसा विभिन्न वेद पुस्तकों मे स्पष्ट लिखा गया है कि इस कलयुग मे जो भक्त हनुमान जी महाराज की पूजा अर्चना करेगा और अगर उस भक्त की भक्ति सच्ची हुई तो उसे साक्षात हनुमान जी महाराज के दर्शन होंगे।
लेकिन, आज इस वर्तमान मे मानव नास्तिक होकर भगवान् पर विश्वास भी नहीं कर पा रहा है। उसको ऐसा लगता है कि भगवान जैसी कोई चीज होती ही नहीं है।
उन्हें ऐसा लगता है कि ईश्वर अगर अस्तित्व मे है तो उसको भगवान के दर्शन अवश्य होने चाहिए।
आज हम आपको बताएंगे कि कलयुग के साक्षात देवता हनुमान किन किन जगहों पर हो सकते हैं।
वैसे यह बात राम चरित मानस मे भी बतायी गयी है किन्तु कोई इस बात पर गौर नहीं करता।
भक्तो, हनुमान जी कहां रहते हैं इस बात का पहला स्थान है जहां रामायण का पाठ होता है।
वैसे शास्त्र बताते हैं कि जिस जिस जगहों पर श्री राम चन्द्र जी का नाम लिया जाता है वहां हनुमान जी निश्चित रूप से किसी न किसी रूप में विराजमान रहते हैं।
ऐसा कई बार देखा भी गया है कि रामायण का पाठ चल रहा है और हनुमान जी वानर रूप मे कई बार आए हैं। इस तरह के कई चमत्कार भी देखे गए हैं।
खुद तुलसीदास जी भी बताते हैं कि ऐसा हो नहीं सकता कि कहीं सच्चे हृदय से राम नाम का उच्चारण किया जा रहा हो और वहां हनुमान जी महाराज हाजिर न हो।
हनुमान जी कहां रहते हैं का दूसरा स्थान है गंधमादन पर्वत।
गंधमादन पर्वत पर कलयुग मे हनुमान जी का निवास है इस बात के कई बार प्रमाण दिखायी दिए हैं। कई साधुओं ने तो इस स्थान पर तपस्या करके हनुमान जी के दर्शन साक्षात रूप से किए हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गंधमादन कैलाश पर्वत के उत्तर में स्थित है। हनुमान जी का कलयुग मे एक निवास स्थान यह भी बताया गया है।
हनुमान जी कहां रहते हैं का तीसरा स्थान है किष्किंधा अंजनी पर्वत।
उत्तर भारत के लोगों ने किष्किंधा का नाम तो बस राम चरित मानस मे ही पढ़ा हुआ है लेकिन आपको बता दें कि कर्नाटक के कोप्पल और बेल्लारी जिले के आसपास भी एक किष्किंधा क्षेत्र है जहां एक पर्वत पर हनुमान जी की माता अंजनी ने बैठकर तपस्या की थी।
इस स्थान के बारे में अधिक लोग नहीं जानते हैं। आपको बता दें कि भगवान् राम को भी पवन पुत्र हनुमान यहीं पर मिले थे। कलयुग में हनुमान कई साधुओं को यहां मिले हैं।
हनुमान जी कहां रहते हैं का चौथा स्थान है नीम करोरी बाबा मे नजर आते हनुमान।
इस बात को कई लोग स्वीकार करते हैं कि कलयुग में हनुमान जी नीम करोरी बाबा मे उन्हें नजर आए।
आज भी बाबा के नैनीताल के मन्दिर और लखनऊ वाले मन्दिर में कई चमत्कार हुए जो हनुमान जी से जुड़े हुए हैं। बाबा के अन्दर कई लोगों को हनुमान जी के दर्शन हुए हैं।
हनुमान जी कहां रहते हैं का पांचवा स्थान है श्री रामचंद्र जी के भक्तों के हृदय में।
रामायण में एक जगह ऐसा भी जिक्र मिला है कि जब भगवान् राम का धरती से जाने का समय हुआ तो हनुमान जी इस जगत को छोड़ राम जी के साथ जाना चाहते थे।
तब भगवान् राम ने हनुमान जी महाराज को बोला था कि हे प्रिय हनुमान! जो समय आगे आने वाला है वह समय काल का होगा। और उस समय का नाम कलयुग होगा।
तब धर्म का पतन हो रहा होगा। तब जो राम के भक्त होंगे तब उनके हृदय में तुमको रहना होगा और राम भक्तों की लाज बचानी होगी। इसलिए हनुमान जी अपने राम भक्तों के हृदय में विराजमान रहते हैं।
आप यदि कलयुग में हनुमान जी के दर्शन करना चाहते हैं तो आपको इन पांच जगहों पर हनुमान जी के दर्शन करने चाहिए।
बस एक बात का ध्यान रखे कि गंधमादन पर्वत पर इंसान का जाना मना किया गया है। यहां हनुमान जी के अलावा अन्य देवी देवता भी वास करते हैं।
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