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    अगर आप हनुमानजी के भक्त हैं तो ये 11 नियम ध्यान रखें, हमेशा दूर रहेगी गरीबी।

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    हनुमानजी के 11 नियम – भक्तों, कलियुग में प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान जी महाराज श्रद्धालुओं के दुखों को दूर करके उन्हें सुखी और समृद्धिशाली बनाते हैं। इसी कारण इनके भक्तों की संख्या काफी अधिक है।

    मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी के मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। इनकी पूजा से बुरा से बुरा समय भी दूर हो जाता है।

    शास्त्रों में कुछ नियम बताये गये हैं जो हनुमान जी की पूजा और दर्शन करते समय ध्यान रखने चाहिए।

    आज हम आपको ऐसे ही 11 नियमों के बारे में बताएंगे जो आपको हनुमान जी की पूजा करते समय ध्यान रखने चाहिए ।

    हनुमानजी के 11 नियम

    हनुमानजी के 11 नियम :-

    पहला नियम :- हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ या फिर सुन्दर काण्ड का पाठ करना श्रेष्ठ उपाय है।

    दूसरा नियम :- दोपहर के समय बजरंग बली को गुड़, घी और गेहूं के आटे से बनी रोटी का चूरमा अर्पित किया जाना चाहिए।

    तीसरा नियम :- सुबह के समय हनुमान जी को प्रसाद के रूप में गुड़, नारियल और लड्डू चढ़ाना चाहिए।

    चौथा नियम :- हनुमान जी को शाम के समय फल जैसे कि आम, केले, अमरूद, सेव आदि इनका भोग लगाना चाहिए।

    पांचवा नियम :- बजरंग बली के शृंगार मे या चोला चढ़ाते समय तिल के तेल या फिर चमेली के तेल में भीगा सिंदूर लगाना चाहिए।

    छठा नियम :- बजरंग बली को लाल या पीले रंग के फूल विशेष रूप से अर्पित किए जाने चाहिए। इन फ़ूलों मे कमल, गेंदा, गुलाब आदि विशेष महत्व रखते हैं।

    सातवां नियम :- भगवान् श्री राम जी के अनन्य भक्त बजरंग बली की कृपा प्राप्ति के लिए विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

    आठवां नियम :- भगवान् को भोग लगाने के पश्चात भक्त को प्रसाद अन्य भक्तों मे वितरित करके स्वयं को भी प्रसाद ग्रहण करना चाहिए।

    नौवां नियम :- सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की निमित्त विशेष पूजा अर्चना करनी चाहिए। इन दिनों मे बजरंग बली की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    दसवां नियम :- हनुमान जी की पूजा या मंदिर में सिद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

    ग्यारहवां नियम :- भक्तों को ध्यान रखना चाहिए कि हनुमान जी को केसर के साथ घिसा हुआ लाल चंदन का तिलक लगाना चाहिए।

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