अब तक कुल कितनी रामायण लिखी गई हैं ? A Complete List

0
1587

कितनी-कितनी रामायण – आखिर कुल कितनी रामायण लिखी गई हैं ? A Complete List, (kitni ramayan likhi gayi hai?)
भारतीय मानस के एक आध्यात्मिक कथानक ऐसा रहा है जो भारतीय मानस के बहुत निकट रहा है,वह है प्रभु श्री राम का चरित्र। श्री राम के चरित्र को लेकर हजारों वर्षों में सैकड़ों काव्य लिखे गए। जिनमें बहुत से राम काव्य लोकप्रिय भी बहुत हुए हैं, जैसे वाल्मीकि रामायण तथा तुलसीदास कृत रामचरितमानस।

यहां नीचे हम कतिपय चर्चित राम काव्यों की सूची दे रहे हैं।

।। कलप कलप प्रति प्रभु अवतरहीं
और.. चारु चरित नाना बिधि करहीं।।

जैसे राम जी का चरित्र अनंत है वैसे ही रचे गए रामायण भी अनंत हैं। हम अल्प बुद्धि वाले एक दो रामायण को क्या पढ़े, खुद को मर्मज्ञ समझ बैठे। रामायणों की यथासंभव सूची आपको समर्पित है…

Kitni Ramayan Likhi Gayi Hai

Kitni Ramayan Likhi Gayi Hai? कुल कितनी रामायण लिखी गई हैं?

रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं है, बल्कि विभिन्न कालों, भाषाओं और परंपराओं में रचित अनेक रामकाव्यों का समूह है। वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस, अध्यात्म रामायण, आनंद रामायण और अद्भुत रामायण जैसे अनेक ग्रंथ भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों का वर्णन करते हैं। इसी कारण यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता है कि कुल कितनी रामायण लिखी गई हैं।

विवरण जानकारी
मुख्य विषय विभिन्न रामायणों की सूची
प्रमुख रामायण वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस, अध्यात्म रामायण
भाषाएँ संस्कृत, हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाएँ
कुल संख्या विभिन्न परंपराओं में अनेक रामायणें वर्णित हैं

प्रमुख रामायणों की सूची

  1. वाल्मीकि रामायण,
  2. अध्यात्म रामायण,
  3. योग वशिष्ठ रामायण,
  4. हनुमद रामायण,
  5. नारद रामायण ,
  6. लघु रामायण
  7. वृहद रामायण
  8. अगस्त्य रामायण,
  9. सार रामायण
  10. देह रामायण,
  11. वृत्त रामायण,
  12. ब्रह्म रामायण,
  13. भारद्वाज रामायण
  14. शिव रामायण,
  15. क्रौंच रामायण,
  16. भरत रामायण,
  17. जैमिनी रामायण ,
  18. आत्म धर्म रामायण,
  19. श्वेत केतु रामायण,
  20. जटायु रामायण,
  21. रवि रामायण,
  22. पौलस्ति रामायण,
  23. देवी रामायण,
  24. गुह्यक रामायण,
  25. मंगल रामायण ,
  26. विश्वामित्र रामायण,
  27. सुत्तीक्ष्ण रामायण ,
  28. सुग्रीव रामायण,
  29. विभीषण रामायण,
  30. आनंद रामायण,
  31. व्यासोक्त रामायण ,
  32. शुक रामायण,
  33. शेष रामायण,
  34. आगम रामायण
  35. कूर्म रामायण ,
  36. स्कंद रामायण,
  37. अरुण रामायण,
  38. पद्य रामायण,
  39. धर्म रामायण,
  40. आश्चर्य रामायण,
  41. अद्भुत रामायण,
  42. अत्रि रामायण,
  43. अंबिका रामायण,
  44. अवधूत्त रामायण
  45. आचार्य रामायण,
  46. औसनस रामायण,
  47. दुर्वासस रामायण,
  48. नन्दि रामायण,
  49. ईश्वर रामायण,
  50. कपिल रामायण
  51. कलि रामायण,
  52. कालिका रामायण,
  53. कुमार रामायण,
  54. गणेश रामायण,
  55. गरूड़ रामायण,
  56. चम्पु रामायण,
  57. जैन रामायण,
  58. जामवंत रामायण,
  59. नल रामायण,
  60. नील रामायण,
  61. नाटक रामायण,
  62. नरसिंह रामायण,
  63. पद्म रामायण
  64. पराशर रामायण,
  65. बकदाल्भ्य रामायण.
  66. ब्रह्म वैवर्तक रामायण,
  67. ब्रह्मांड रामायण,
  68. भविष्योतर रामायण,
  69. भागवत रामायण
  70. भार्गव रामायण,
  71. भारत रामायण
  72. मैंद रामायण,
  73. मरीचि रामायण ,
  74. माहेश्वर रामायण,
  75. मानव रामायण
  76. मारकण्डेय रामायण,
  77. मारुति रामायण ,
  78. मुद्गल रामायण, 7
  79. लिंग रामायण,
  80. वरद रामायण,
  81. वरुण रामायण
  82. वशिष्ठ रामायण,
  83. वायु रामायण,
  84. विष्णु रामायण,
  85. श्री रंग रामायण,
  86. सनत्कुमार रामायण,
  87. वामन रामायण ,
  88. सुकंद रामायण,
  89. सूर्य रामायण,
  90. हरिवंशीय रामायण,
  91. शैव रामायण,
  92. पंचरात्र रामायण,
  93. हनुमंत रामायण
  94. मत्स्य रामायण,
  95. वराह रामायण ,
  96. महाकाली रामायण
  97. अग्नि रामायण ,
  98. महाभारत रामायण,
  99. शिव भवानी रामायण ,
  100. आत्म रामायण,
  101. संवृत रामायण
  102. किशोर रामायण,
  103. नरकुटक रामायण ,
  104. प्रसन्न राघव रामायण,
  105. राधेश्याम रामायण
  106. बरवै रामायण,
  107. अभिनव रामायण,
  108. राम चरित मानस

प्रमुख रामायणों का महत्व

रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिकता और आदर्श जीवन का मार्गदर्शक ग्रंथ माना जाता है। विभिन्न रामायणों में भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, धर्म पालन और मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप का वर्णन मिलता है।

भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, संघर्ष और धैर्य का सर्वोत्तम उदाहरण है। यदि आपके मन में कभी यह प्रश्न आता है कि भगवान हमें दुख क्यों देता है?, तो श्रीराम का जीवन इस प्रश्न का गहरा उत्तर देता है।

वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस, अध्यात्म रामायण और आनंद रामायण जैसी रचनाओं ने भारतीय समाज और आध्यात्मिक परंपरा पर गहरा प्रभाव डाला है।

भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों ही अपने जीवन और आचरण से मानवता को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। यदि आप श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन को विस्तार से समझना चाहते हैं, तो जीवन को उत्सव की तरह जीना सिखाते श्रीकृष्ण पोस्ट भी अवश्य पढ़ें।

रामायणों की संख्या को लेकर मतभेद – Kitni Ramayan Likhi Gayi Hai

विभिन्न विद्वानों और परंपराओं के अनुसार रामायणों की संख्या अलग-अलग बताई जाती है। कुछ स्रोतों में सैकड़ों रामायणों का उल्लेख मिलता है, जबकि कुछ शोधकर्ताओं ने भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में 300 से अधिक रामायण परंपराओं का वर्णन किया है।

रामायण परंपरा की तरह ही सनातन धर्म में तिथियों और समय का भी विशेष महत्व है। यदि आप जानना चाहते हैं कि कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष क्या होते हैं और इनका धार्मिक महत्व क्या है, तो हमारी यह पोस्ट अवश्य पढ़ें।

Frequently Asked Questions

Kitni Ramayan Likhi Gayi Hai?

विभिन्न परंपराओं और भाषाओं में अनेक रामायणों की रचना की गई है। उनकी सटीक संख्या निर्धारित करना कठिन है।

सबसे प्रसिद्ध रामायण कौन सी है?

वाल्मीकि रामायण और गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस सबसे प्रसिद्ध रामायणों में गिनी जाती हैं।

क्या सभी रामायणों की कथा एक जैसी है?

नहीं, विभिन्न रामायणों में कथानक और दृष्टिकोण में कुछ अंतर देखने को मिलते हैं।

रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण में क्या अंतर है?

वाल्मीकि रामायण संस्कृत में रचित मूल महाकाव्य मानी जाती है, जबकि रामचरितमानस अवधी भाषा में रचित लोकप्रिय रामकाव्य है।


धार्मिक ज्ञान से जुड़ी और जानकारी पढ़ें

यदि आप भगवान, धर्म, कर्म, जीवन-दर्शन, पूजा-पद्धति और सनातन धर्म से जुड़े ऐसे ही महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, तो धार्मिक ज्ञान एवं जीवन दर्शन अवश्य पढ़ें। इस गाइड में आपको धार्मिक ज्ञान से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण पोस्ट एक ही स्थान पर मिल जाएंगी।

पिछला लेखमैं बण गया बड्डा थानेदार | Main Ban Gaya Badda Thanedar Bhajan Lyrics
अगला लेखबालाजी मेरे बजरंगी सबसे निराले | Balaji Mere Bajrangi Sabse Nirale Bhajan Lyrics
PUNIT NAGAR
पुनीत नागर JSBJM.org के संस्थापक और लेखक हैं। वे मेहंदीपुर बालाजी धाम, मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराओं, दर्शन, अर्जी-दरखास्त, हनुमान भक्ति और सनातन धर्म से संबंधित विषयों पर हिंदी में लेख लिखते हैं। उनका प्रयास उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों, शोध सामग्री, पुस्तकों तथा संबंधित धार्मिक और स्थानीय परंपराओं के संदर्भ में जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। जहाँ किसी जानकारी का आधार धार्मिक मान्यता या स्थानीय परंपरा होता है, उसे उसी संदर्भ में स्पष्ट करने का प्रयास किया जाता है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें