श्री पंचमुखी हनुमान जी प्राचीन मंदिर, राजा कटरा, कोलकाता

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श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर के राजा कटरा क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिर है। यहां भगवान हनुमान पंचमुखी स्वरूप में विराजमान हैं। भक्तों का विश्वास है कि इस मंदिर में दर्शन और हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा भगवान हनुमान अपनी कृपा बनाए रखते हैं।

अगर आप श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर का इतिहास, पंचमुखी स्वरूप का महत्व, मंदिर की मान्यता, आरती का समय और दर्शन की पूरी जानकारी चाहते हैं, तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर एक नजर में

मंदिर का नाम श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर
स्थान राजा कटरा, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
मुख्य देवता भगवान पंचमुखी हनुमान
विशेष पहचान विशाल पंचमुखी हनुमान प्रतिमा
मुख्य मान्यता यात्रा की सफलता और मनोकामना पूर्ति
विशेष समय सुबह, संध्या और शयन आरती

पंचमुखी हनुमान राजा कटरा – कोलकाता जहां हुगली नदी के किनारे है ऐसा धाम जहां भगवान् राम और लक्ष्मण की रक्षा के लिए पवन पुत्र हनुमान जी महाराज ने धरा पंचमुखी रूप।

गंगा की पावन धारा जो कोलकाता में जाकर हुगली तक जाती है और इसी हुगली नदी के किनारे हावड़ा ब्रिज को पार करते ही दर्शन होते हैं बजरंग बली के एक ऐसे रूप के जिसमें बसते हैं भक्तों के प्राण।

श्री पंचमुखी हनुमान जी प्राचीन मंदिर, राजा कटरा, कोलकाता

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर की खास बातें

राजा कटरा का यह मंदिर कोलकाता के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में गिना जाता है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने आते हैं।

विशाल पंचमुखी प्रतिमा, हुगली नदी के पास का स्थान और वर्षों पुरानी आस्था इस मंदिर को भक्तों के लिए विशेष बनाती है।

पूरी आन बान शान से सिर उठाए खड़ी इस मूर्ति को देखकर एक बार तो भक्तों के मन में भी ये सवाल उठ खड़ा होता है कि भला संकट मोचन का ये कैसा रूप है।

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर का इतिहास

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर का इतिहास भगवान राम, लक्ष्मण और अहिरावण से जुड़ी प्रसिद्ध कथा से जुड़ा माना जाता है। इसी कारण यहां भगवान हनुमान पंचमुखी स्वरूप में विराजमान हैं।

कोलकाता के राज कटरा मे बने इस पंचमुखी हनुमान मंदिर मे मौजूद बजरंग बली का ये रूप उस समय की याद दिलाता है जब अहिरावण, राम और लक्ष्मण का हरण कर पाताल लोक ले गए थे। कहते हैं कि तब हनुमान जी ने पंचमुखी रूप धारण किया।

उत्तर दिशा में वाराह मुख, दक्षिण दिशा में नरसिंह मुख, पश्चिम दिशा में गरुड़ मुख, आकाश में हेग्रीव मुख तथा पूर्व दिशा में हनुमान मुख इन पांच मुखों को धारण कर बजरंग बली ने अहिरावण का न केवल वध किया बल्कि अपने आराध्य को मुक्त भी कराया था।

पंचमुखी हनुमान स्वरूप का महत्व

भगवान हनुमान का पंचमुखी स्वरूप शक्ति, साहस, रक्षा और विजय का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से भक्त विशेष श्रद्धा के साथ इस स्वरूप के दर्शन करने आते हैं।

मंदिर की मान्यता

बाल ब्रह्मचारी हनुमान जी के इस दरबार में भक्त नारियल और पेड़े चढ़ाकर लगाते हैं अपनी मनोकामनाओं की विनती। सिन्दूरी चोले से प्रसन्न होने वाले हनुमान यहां केवल नारियल के चढ़ावे से ही हो जाते हैं प्रसन्न।

कहते हैं कि करीब साढ़े चार सौ साल पहले जब इस मन्दिर का निर्माण हुआ तब यहां कोई पुल नहीं था।

भक्त हुगली नदी पार करके ही यहां बजरंग बली की आराधना करने आया करते थे।

और आज भी भक्तों का यह अटूट विश्वास है कि कोई यात्रा शुरू करने से पहले या कोई भी नया काम आरम्भ करने से पहले अगर पंचमुखी हनुमान का आशीर्वाद ले लिया जाए तो यात्रा के पूर्ण होने की गारंटी मिल जाती है।

राजस्थान में भी श्री बोरवट हनुमान मंदिर अपनी मनोकामना पूर्ति और संकटमोचन हनुमान की मान्यता के लिए प्रसिद्ध है।

भक्तो को यह आशीर्वाद मिलता है हनुमान चालीसा के पाठ से।
मध्य प्रदेश के श्री मायापती हनुमान मंदिर में भी भक्त हनुमान जी की विशेष पूजा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

हनुमान जी के इस दरबार में एक बार किया गया हनुमान चालीसा का पाठ उनके भक्तों को दिला देता है रक्षा कवच।

मान्यता है कि राजकटरा मे हनुमान जी की इच्छानुसार ही भक्तों ने उनका मन्दिर बनवाया है इसलिए भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है चाहे कोई तकलीफ हो या फिर कोई गुहार। बजरंग बली के दरबार में जाते ही सब कुछ खुदबखुद दूर हो जाता है।

स्थानीय लोगों का विश्वास है कि सच्चे मन से प्रार्थना करने और हनुमान चालीसा का पाठ करने पर भगवान हनुमान अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। यह धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित मान्यता है।

आरती और दर्शन का समय

यही वजह है कि हनुमान जी के इस दरबार में साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है। जिसकी शुरुआत सुबह पांच बजे होने वाली आरती से ही हो जाती है और भक्तों के मन्दिर में आने का ये सिलसिला 11 बजे तक इसी तरह चलता रहता है।

11 बजे से शाम के 4 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और भक्तों की पुनः भीड़ उमड़ती है साढ़े सात बजे होने वाली संध्या आरती के समय जो दिन की सबसे बड़ी आरती मानी जाती है।

रात दस बजे की शयन आरती के साथ ही मंदिर मंदिर के कपाट दुबारा बन्द हो जाते हैं। बजरंग बली का ये मन्दिर अपनी विशालता और ऊंचाई की वजह से तो जाना ही जाता है साथ ही अपने चमत्कारों और मान्यताओं की वजह से भी देश भर के भक्तों को अपनी ओर खींचता है।

यहां आने पर भक्तों की न केवल अधूरी इच्छायें पूरी हो जाती है बल्कि हनुमान जी के बारे में करीब से जानने का मौका भी मिलता है। कभी भी किसी यात्रा पर जाना हो और हनुमान जी के दर्शन कर ले तो मानो यात्रा सफल हो जाए।
अगर आप भारत के अलग-अलग राज्यों में स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो भारत के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर की यह पूरी जानकारी भी जरूर पढ़ें।

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर कैसे पहुंचे?

यह मंदिर पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर के राजा कटरा क्षेत्र में स्थित है। हावड़ा रेलवे स्टेशन से यह मंदिर बहुत कम दूरी पर है। टैक्सी, बस और मेट्रो जैसी स्थानीय परिवहन सुविधाओं से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

मंदिर जाने से पहले ध्यान रखें

  • सुबह और शाम की आरती के समय सबसे अधिक भीड़ रहती है।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले भक्त समय से पहले पहुंचें।
  • मंदिर परिसर की साफ-सफाई और नियमों का पालन करें।
  • प्रसाद और पूजा सामग्री मंदिर के आसपास आसानी से मिल जाती है।

अगर आप राजस्थान के एक अनोखे हनुमान मंदिर के बारे में जानना चाहते हैं, तो श्री नवखण्डीय तुलसी मानस हनुमान मंदिर की जानकारी भी जरूर पढ़ें।

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर से जुड़े सवाल

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर कहां स्थित है?

यह मंदिर राजा कटरा, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में स्थित है।

यह मंदिर किस लिए प्रसिद्ध है?

यह मंदिर भगवान हनुमान के पंचमुखी स्वरूप, प्राचीन मान्यता और विशाल प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है।

पंचमुखी हनुमान का क्या महत्व है?

मान्यता है कि भगवान हनुमान ने अहिरावण का वध करने और भगवान राम-लक्ष्मण की रक्षा के लिए पंचमुखी स्वरूप धारण किया था।

मंदिर में आरती कब होती है?

यहां सुबह, शाम और रात में नियमित आरती होती है। संध्या आरती में सबसे अधिक भक्त शामिल होते हैं।

क्या यहां हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है?

हां, बड़ी संख्या में भक्त यहां हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और भगवान हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

Tag : पंचमुखी हनुमान राजा कटरा

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PUNIT NAGAR
पुनीत नागर JSBJM.org के संस्थापक और लेखक हैं। वे मेहंदीपुर बालाजी धाम, मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराओं, दर्शन, अर्जी-दरखास्त, हनुमान भक्ति और सनातन धर्म से संबंधित विषयों पर हिंदी में लेख लिखते हैं। उनका प्रयास उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों, शोध सामग्री, पुस्तकों तथा संबंधित धार्मिक और स्थानीय परंपराओं के संदर्भ में जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। जहाँ किसी जानकारी का आधार धार्मिक मान्यता या स्थानीय परंपरा होता है, उसे उसी संदर्भ में स्पष्ट करने का प्रयास किया जाता है।

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