यहां है हनुमानजी की एक साथ दो दो प्रतिमाएं – Binori Balaji Temple Rajasthan – आज हम आपको ऐसी जगह के बारे में बताने वाले है जिस जगह पर हम पहली बार गए थे। इस जगह का नाम भी हमने पहले कभी नहीं सुना था। एक कहावत है कि किस्मत आपको जहां ले जाए वहां हम जाते ही हैं चाहे आप चाहें या न चाहें।
Binori Balaji Temple Rajasthan
01![]() | मन्दिर का मुख्य नाम | श्री बिनोरी बालाजी मंदिर |
| 02 | किस संप्रदाय का मंदिर है? | हिन्दू सनातन धर्म |
| 03 | उद्देश्य | सर्व कल्याण के लिए। |
| 04 | मुख्य आराध्य देव | हनुमान जी। |
बिनोरी बालाजी मंदिर (Binori Balaji Temple Rajasthan) एक ऐसी जगह है जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं।

यह राजस्थान के बिनोरी क्षेत्र में स्थित है इसलिए इसका नाम बिनोरी बालाजी भी है।
हम यहां आए और इसे देखा। यह बहुत ही सुन्दर जगह है। यहां आने पर आपको शांति और भक्ति दोनों चीजें एक साथ महसूस होंगी।
आप सोच रहे होंगे कि हम इस जगह पर कैसे पहुँचे? आपको बता दें कि असल में हम लोग यहां नहीं बल्कि Mehandipur Balaji जा रहे थे।
पर एक छोटी सी भूल और अपना रास्ता भटक जाने की वज़ह से हम यहां पहुंच गए।
ऐसा कहा जाता है कि जो होता है वह अच्छे के लिए होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम यह कह सकते है कि हमारा यहां आना भी सफल हुआ।
बिनोरी बालाजी मंदिर (Binori Balaji Mandir) भी बालाजी महाराज का एक अति प्राचीन मन्दिर है।
यहां जब आप मंदिर के अंदर प्रवेश करेंगे तो यहां रामायण की चौपाइयां सुनने को मिलेंगी। आपको दिखाई देगा कि यहां चौबीस घंटे रामायण का पाठ चलता रहता है।
मन्दिर का प्रांगण बहुत ही साधारण और सुंदर बना हुआ है।
यहां आपको हनुमानजी और उनके साथ सीता राम भगवान् जी की मूर्ति, देवी मैया जी की प्रतिमा सभी के दर्शन होंगे।
अंदर जाने पर आपको एक बहुत ही विशाल हवन कुंड भी देखने को मिलेगा जिसके बारे में कहा जाता है कि साल के खास मौकों पर यहां हवन भी किया जाता है।
इस Binori Balaji Temple की सबसे खास बात यह है कि आपको यहां एक साथ दो दो हनुमानजी की प्रतिमाओं के दर्शन करने का सौभाग्य होगा जो कि अद्वितीय सा मालूम पड़ता है।
यहां आकर ऐसा मनोरम दृश्य मैंने तो पहली बार देखा है। ये मूर्तियां देखने में बहुत ही सुंदर लगती हैं।
यह जगह काफी शांत है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि यहां हमेशा ही शांति रहती है। वर्ष में कई बार यहां विभिन्न प्रकार के उत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाए जाते हैं।
बिनोरी बालाजी का मन्दिर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की तरह विशाल तो नहीं है लेकिन सुन्दर अवश्य है।
उत्सव के समय यहां काफी धूमधाम रहती है। हवन वेदी और रामायण का पाठ तो निरंतर ही चलता रहता है।
यहां आकर आपको पता चलेगा कि यहां भगवान् के प्रति लोगों की भक्ति भावना अन्य जगहों से ज्यादा क्यों है। शायद इसी कारण से राजस्थान की धरती देवभूमि के नाम से भी विख्यात है।
इस मन्दिर परिसर में ही एक भोले शंकर का भी मंदिर है जो कि बहुत ही प्राचीन है।
इस जगह आकर मेरा तो मन प्रसन्न हो गया। अगर आपके आसपास य़ह जगह है और अगर अब तक आप यहां नहीं गए हैं तो आप लोग भी जरूर जायियेगा। आपको यहां आकर काफी अच्छा लगेगा।











