जानिए घाटा मेहंदीपुर बालाजी की आरती कब और कैसे होती है?

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मेहंदीपुर बालाजी की आरती यहां की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं में से एक है। प्रतिदिन सुबह मंगला आरती और शाम की संध्या आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यदि आप मेहंदीपुर बालाजी की आरती, आरती का समय, आरती के छींटे, प्रसादी वितरण और आरती में शामिल होने के नियम जानना चाहते हैं, तो इस पोस्ट में आपको पूरी जानकारी मिलेगी।

बालाजी मंदिर में मेहंदीपुर बालाजी की आरती नित्य प्रतिदिन दो बार की जाती है।

मेहंदीपुर बालाजी की आरती कब और कैसे की जाती है
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में सुबह और शाम होने वाली आरती।
विषय जानकारी
फोकस विषय मेहंदीपुर बालाजी की आरती
आरती मंगला आरती एवं संध्या आरती
आरती का स्थान श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर
विशेष आकर्षण आरती के छींटे एवं प्रसादी वितरण
अन्य आरती समाधि वाले बाबा की आरती

बालाजी मंदिर में आरती

  1. सुबह के समय की मंगला आरती।
  2. शाम को होने वाली संध्या आरती।

श्री बालाजी महाराज घाटा मेहंदीपुर मे सुबह होने वाली मंगला की आरती के बाद से ही संध्या की आरती तक बालाजी महाराज के दर्शन हर भक्त के लिए खुले रहते हैं। बालाजी के लिए हर रोज छप्पन भोग की झांकी सजाई जाती है।

शाम को संध्या की आरती के बाद ये भोग भक्तों मे वितरित कर दिया जाता है। श्री बालाजी महाराज को लगने वाले भोग मे करीब 300 किलो ग्राम की प्रसादी चढ़ायी जाती है जो कि हर रोज भक्तों मे वितरित की जाती है।

यहां पर दर्शन करने के बाद सबसे जरूरी चीज अगर कोई है तो वो है यहाँ की सुबह और शाम को होने वाली आरती। यदि आप पहली बार मेहंदीपुर बालाजी धाम आ रहे हैं, तो पहली बार जाने वालों के जरूरी टिप्स भी अवश्य पढ़ें। यहां पर कुल मिलाकर पांच आरती होती है। यहां आने वाले हर भक्त को बालाजी महाराज के दर्शन प्राप्त हो सके इस हेतु घाटा श्री मेहंदीपुर बालाजी ट्रस्ट द्वारा दर्शनार्थियों को पंक्ति बद्ध बनाए रखने के लिए एक हाल का निर्माण कराया गया है।

साथ ही मंदिर परिसर में एक आरती हाल का भी निर्माण करवाया गया है ताकि हज़ारो श्रद्धालु एक साथ आकर आरती मे सम्मिलित हो सके। इस हाल के बनने से यात्रियों को हर मौसम में राहत मिलती है।इस मंदिर में नित्य होने वाली आरती दर्शनीय होती है। आरती के समय अनेक श्रद्धालु मंदिर के बाहर एकत्र हो जाते हैं। विशेष बात तो यह है कि संकट ग्रस्त रोगी चाहे कहीं भी हो वो आरती के समय स्वयं ही मंदिर के पास आ पहुंचता है।

मन्दिर के मुख्य द्वार के बाहर एक Television लगा हुआ है जिसमें आरती का लाइव प्रसारण होता है। बड़े बड़े Loudspeakers से आरती सुनायी जाती है।

इस दौरान यहां मन्दिर के बाहर काफी ज्यादा भीड़ रहती हैं। भीड़ वाले दिनों में यात्रा की योजना बनाने से पहले मेहंदीपुर जाने से पहले 5 खास बातें भी पढ़ लेना उपयोगी रहेगा। लोग खड़े होकर आरती गाते हैं। मंदिर के महंत जी अंदर बालाजी मंदिर मे आरती करते हैं। आरती के दौरान मंदिर के बाहर बिजली के तारों पर अचानक से सैकड़ों Pigeons यानि कबूतर आकर बैठ जाते हैं और आरती के बाद इनका चुपचाप से चले जाना देखना काफी हैरान करने वाला लगता है।

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में आरती का समय – Mehandipur Balaji Temple Aarti Timings

Aarti Timings In Summer

सीता राम मन्दिर में आरती का समय :-

सुबह के समय – 06:00 बजे से 06:15 बजे तक।
शाम के समय – 07:00 बजे से 07:15 बजे तक।

श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज के मंदिर मे आरती का समय :-

सुबह के समय – 06:15 बजे से 06:45 बजे तक।
शाम के समय – 07:15 बजे से 07:45 बजे तक।

Aarti Timings In Winters :-

सीता राम मन्दिर में आरती का समय :-

सुबह के समय – 06:10 बजे से 06:25 बजे तक।
शाम के समय – 06:20 बजे से 06:35 बजे तक।

श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज के मंदिर मे आरती का समय :-

सुबह के समय – 06:25 बजे से 06:55 बजे तक।
शाम के समय – 06:35 बजे से 07:05 बजे तक।

नोट: आरती के समय में समय-समय पर परिवर्तन हो सकता है। यात्रा से पहले मंदिर ट्रस्ट या आधिकारिक सूचना से नवीनतम समय की पुष्टि कर लें।

आरती के छींटे – Shower of Holi Water After Arti

आरती पूरी होने के बाद महंत जी महाराज मन्दिर के मुख्य द्वार से बाहर आते है। उनके हाथ मे एक जल का पात्र रहता है। जिसमें से पवित्र जल को वे अपने हाथों मे भरकर सामने खड़े भक्तों पर दूर तक छिड़कते हैं। बालाजी महाराज के सीने से निकलनी वाली पतली जल की धारा बालाजी के चरणों में बनी एक कुण्डी मे इकट्ठी होती रहती है। इसी पवित्र जल के छींटे जिस जिस पर पड़ते है वो भक्त खुद को काफी भाग्य शाली समझते हैं।

इस दौरान यहां काफी भगदड़ भी मचती है। अक्सर जेबकतरे और चोर इसका फायदा उठा लेते हैं। आरती मे आपको कोई कीमती चीज या पैसे लेकर नहीं चलना चाहिए। अगर हो सके तो वहाँ तक Bare feet यानि नंगे पैर ही जाए। भगदड़ मे लोग अपनी slippers तक खो बैठते हैं।

मेहंदीपुर बालाजी की आरती के बाद संकट वालों को पेशी के लड्डू बांटे जाते हैं। ये लड्डू आरती हाल मे बांटे जाते है। जिन संकट वालों की पेशी नहीं खुलती उन्हें ही ये लड्डू दिए जाते हैं। लड्डू खाने के बाद संकट ग्रस्त व्यक्ति आवेशित हो जाता है और झूमने लगता है।

ये लड्डू आरती शुरू होने से पहले मंदिर में जमा करा दिये जाते हैं। आरती के समय लड्डुओं को बाबा के चरणों में रख दिया जाता है और आरती समाप्त होने के बाद वितरित कर दिए जाते हैं।

बालाजी महाराज की आरती समाप्त होने के बाद आरती शुरू होती है समाधि वाले बाबा की। समाधि वाले बाबा यहां के प्रथम महंत श्री गणेशपुरी जी को कहते हैं जिन्हें साक्षात बालाजी महाराज ने इन्हें स्वप्न मे आकर दर्शन दिए थे। बालाजी महाराज के आदेश से ही इन्होंने बालाजी का सेवा भार ग्रहण किया था।

समाधि वाले बाबा की आरती मे सम्मिलित होने के लिए बालाजी मंदिर के ठीक सामने से ही रास्ता गया है। कुछ ही कदमों पर इनका समाधि स्थल है। यहां की आरती देखते ही बनती है और मंत्र मुग्ध कर जाती है। आरती के बाद यहां भी आरती के छींटे भक्तों पर दिए जाते हैं। यदि आप आरती में शामिल होने के लिए बाहर से आ रहे हैं, तो मेहंदीपुर बालाजी होटल की जानकारी पहले से देख लेना सुविधाजनक रहेगा।

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Mehandipur Balaji Aarti Video

मेहंदीपुर बालाजी की आरती Live BALAJI TV

मेहंदीपुर बालाजी की आरती से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQ)

मेहंदीपुर बालाजी की आरती दिन में कितनी बार होती है?

मुख्य रूप से सुबह मंगला आरती और शाम की संध्या आरती होती है।

क्या श्रद्धालु आरती में शामिल हो सकते हैं?

हाँ, निर्धारित समय पर श्रद्धालु आरती में शामिल हो सकते हैं। भीड़ अधिक होने पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

आरती के छींटे क्या होते हैं?

आरती के बाद महंत जी द्वारा पवित्र जल के छींटे श्रद्धालुओं पर दिए जाते हैं, जिन्हें भक्त विशेष आशीर्वाद के रूप में मानते हैं।

आरती के समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?

भीड़ अधिक होने के कारण अपने सामान और कीमती वस्तुओं का विशेष ध्यान रखें।

क्या आरती का समय मौसम के अनुसार बदलता है?

हाँ, गर्मी और सर्दी के मौसम में आरती के समय में अंतर हो सकता है। यात्रा से पहले नवीनतम समय की पुष्टि कर लें।

निष्कर्ष

मेहंदीपुर बालाजी की आरती केवल एक धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव भी है। यदि आप मेहंदीपुर बालाजी धाम की यात्रा करें, तो निर्धारित समय पर आरती में अवश्य सम्मिलित होने का प्रयास करें।

 

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PUNIT NAGAR
पुनीत नागर JSBJM.org के संस्थापक और लेखक हैं। वे मेहंदीपुर बालाजी धाम, मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराओं, दर्शन, अर्जी-दरखास्त, हनुमान भक्ति और सनातन धर्म से संबंधित विषयों पर हिंदी में लेख लिखते हैं। उनका प्रयास उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों, शोध सामग्री, पुस्तकों तथा संबंधित धार्मिक और स्थानीय परंपराओं के संदर्भ में जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। जहाँ किसी जानकारी का आधार धार्मिक मान्यता या स्थानीय परंपरा होता है, उसे उसी संदर्भ में स्पष्ट करने का प्रयास किया जाता है।

4 टिप्पणी

  1. Bhaiya ji dekho Hanuman ji maharaj ke liye sub aak saman hay jitna jada aap dhiraj rakhoge parbhu utna jaldi sankat katenge apne Viswash kamjor mat hone do apne jivan ki dor parbhu ko shop do bo rojana lkho bhakto ke sankat katte hay bus is he viswash per vitho raho aak din aapki bhi problem slove hogi parbhu ke yaha der hay andher nai Jay shree Ram

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