भक्तों, जय श्री राम! आज हम आपको मेहंदीपुर बालाजी में स्थित 151 फुट के हनुमान जी की विशाल मूर्ति के बारे में बताएंगे। यह भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यदि आप मेहंदीपुर बालाजी धाम की यात्रा पर जा रहे हैं, तो इस अद्भुत मूर्ति के दर्शन अवश्य करें। इस लेख में हम इसके स्थान, यहाँ तक पहुँचने का मार्ग, आसपास के प्रमुख दर्शनीय स्थल और विशेष आकर्षण की जानकारी साझा करेंगे।
यदि आप मेहंदीपुर बालाजी के इतिहास, प्रमुख दर्शनीय स्थलों और उनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो मेहंदीपुर बालाजी का इतिहास अवश्य पढ़ें।
151 फुट के हनुमान जी की मूर्ति कहाँ स्थित है?
इस मूर्ति के दर्शन करने के लिए आपको बालाजी मंदिर के मुख्य रास्ते पर से ही जाना होगा। मंदिर से थोड़ा पहले ही मुख्य मार्ग पर है श्री हरि सोना धर्मशाला। इसी धर्मशाला के अंदर से होकर ही इस भव्य मूर्ति के दर्शन हेतु जाना पड़ता है।

| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| स्थान | श्री हरि सोना धर्मशाला, मेहंदीपुर बालाजी |
| मुख्य आकर्षण | 151 फुट ऊँची हनुमान जी की विशाल प्रतिमा |
| आसपास के दर्शनीय स्थल | सीता-राम मंदिर, माँ शेरावाली गुफा, विशाल शिवलिंग, सुरसा प्रतिमा, श्रीराम गुफा, नवग्रह मंदिर |
| दर्शन शुल्क | निःशुल्क |
| घूमने का उपयुक्त समय | बालाजी मंदिर दर्शन के बाद |
151 फुट के हनुमान जी की मूर्ति की विशेषताएँ
151 फुट के हनुमान जी की मूर्ति इतनी विशाल है कि आप मूर्ति के नजदीक जाकर अपने मोबाइल के कैमरा फ्रेम मे इसे कैद नहीं कर सकते। आपको मूर्ति के काफी पीछे से और वो भी बड़ी दिक्कतों का सामना करने पर ही बाबा की मूर्ति की फोटो ली जा सकती है।

मूर्ति के आसपास बने अन्य दर्शनीय स्थल
मूर्ति के बिल्कुल बगल में ही असुरों की प्रतिमाएं भी बनी हुई है जो कि बहुत ही सुंदर और मन को मोह लेने वाली है। इन्हीं असुरों से लड़ते हुए एक छोटे से हनुमान जी भी एक शिला पर खड़े हुए हैं।
थोड़ी ही दूरी पर दीवार से सटा एक मंदिर है जो कि ओपन एरिया में बना हुआ है जिसमें बहुत ही सुंदर श्री राम भगवान् के साथ माता सीता है। बहुत ही प्यारा दृश्य लगता है क्योंकि बहुत ही सुंदर तरीके से इसे बनाया गया है।

इसी सीता राम मंदिर के ठीक पीछे माँ शेरा वाली का मन्दिर बना हुआ है जिसमें एक गुफा मे अष्ट भुजा धारी माँ शेरा वाली शेर पर सवार है। इसी गुफा के ठीक सामने भोले बाबा का शिव लिंग बना हुआ है। ये शिवलिंग आपको फोटो मे जरूर छोटा लग रहा होगा परन्तु यह काफी बड़ा है।

और इन्हीं सब के बीचोंबीच है हनुमान जी महाराज की यह अद्भुत और विशाल मूर्ति। मूर्ति की विशालता आप हनुमान जी के पैर की फोटो देखकर ही लगा सकते हैं। इनकी गदा पर बहुत ही सुंदर रूप में श्री राम नाम अंकित है जिसकी नक्काशी बहुत ही मनमोहक लगती है।


सुरसा, श्रीराम गुफा और नवग्रह मंदिर
एक बात तो हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि यह इतना सुंदर स्थान है कि आप भी कुछ समय यहां अवश्य बिताना चाहेंगे।
पास मे ही एक बहुत विशाल मूर्ति रामायण कालीन राक्षसी सुरसा की बनी हुई है जिसमे से कथा के अनुसार हनुमान जी अपना कद छोटा कर सुरसा के मुख से बाहर की ओर निकल रहे हैं। इसी मुख मे एक गुफा भी बनी हुई है।
शीला उठाते बजरंग बली, ध्यान मग्न हनुमान जी और इनके चारों ओर इनकी वानर सेना बहुत ही मनमोहक दृश्य है।
समीप ही श्री राम जी की गुफा भी बनी हुई है। यह गुफा श्री राम जी के वनवास काल को याद दिलाती है। यहां आते ही बहुत ही प्यारी सी अनुभूति का खिंचाव सा महसूस होता है।

यहीं पर एक नव ग्रह का मंदिर भी निर्मित है। बाहर से इसका मुख्य द्वार बहुत ही मनमोहक है। अंदर नौ ग्रह अलग अलग रूपों में विराजमान है। इसी मंदिर की छत पर की गई नक्काशी बहुत ही सुंदर है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
151 फुट के हनुमान जी की मूर्ति कहाँ स्थित है?
151 फुट के हनुमान जी की विशाल प्रतिमा मेहंदीपुर बालाजी में श्री हरि सोना धर्मशाला परिसर में स्थित है। श्रद्धालु मुख्य मार्ग से होकर आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं।
क्या 151 फुट की हनुमान जी की मूर्ति के दर्शन निःशुल्क हैं?
हाँ, श्रद्धालु इस विशाल प्रतिमा और इसके आसपास स्थित मंदिरों के दर्शन निःशुल्क कर सकते हैं।
151 फुट की हनुमान जी की मूर्ति के पास और कौन-कौन से दर्शनीय स्थल हैं?
इस परिसर में श्रीराम-सीता मंदिर, माँ शेरावाली की गुफा, विशाल शिवलिंग, सुरसा की प्रतिमा, श्रीराम गुफा तथा नवग्रह मंदिर जैसे अनेक दर्शनीय स्थल स्थित हैं।
क्या मेहंदीपुर बालाजी आने वाले श्रद्धालुओं को इस स्थान पर भी जाना चाहिए?
यदि समय उपलब्ध हो, तो मुख्य मंदिर के दर्शन के बाद 151 फुट के हनुमान जी की प्रतिमा और इसके आसपास के दर्शनीय स्थलों के दर्शन अवश्य करने चाहिए। यह मेहंदीपुर बालाजी के प्रमुख आकर्षणों में से एक है।
निष्कर्ष
मेहंदीपुर बालाजी में स्थित 151 फुट के हनुमान जी की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इस भव्य प्रतिमा के साथ श्रीराम-सीता मंदिर, माँ शेरावाली गुफा, विशाल शिवलिंग, सुरसा की प्रतिमा, श्रीराम गुफा तथा नवग्रह मंदिर जैसे अनेक दर्शनीय स्थल भी मौजूद हैं। यदि आप मेहंदीपुर बालाजी की यात्रा पर जाएँ, तो मुख्य मंदिर के दर्शन के साथ इस स्थान को भी अपनी यात्रा में अवश्य शामिल करें।
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