मेहंदीपुर बालाजी में आपने अगर छोटी अर्जी और बड़ी अर्जी के बारे में सुना है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आम बोलचाल में दरखास्त को छोटी अर्जी और अर्जी को बड़ी अर्जी भी कहा जाता है।
आसान भाषा में समझें तो छोटी अर्जी यानी दरखास्त पहले होती है और बड़ी अर्जी यानी अर्जी उसके बाद। दोनों एक ही धार्मिक प्रक्रिया से जुड़ी हैं, लेकिन दोनों का क्रम और आकार अलग बताया गया है।
अगर आप पहली बार मेहंदीपुर बालाजी जा रहे हैं, तो मंदिर से जुड़े जरूरी नियम और दूसरी जानकारी के लिए मेहंदीपुर बालाजी के नियम और संपूर्ण जानकारी भी पढ़ सकते हैं।

छोटी अर्जी और बड़ी अर्जी क्या होती है?
सबसे पहले नाम का भ्रम दूर कर लेते हैं। मेहंदीपुर बालाजी में आम बोलचाल में दरखास्त को छोटी अर्जी और अर्जी को बड़ी अर्जी कहा जाता है।
इसलिए अगर वहां कोई व्यक्ति छोटी अर्जी की बात करे, तो वह दरखास्त की बात कर रहा हो सकता है। इसी तरह बड़ी अर्जी कहने पर उसका मतलब अर्जी से होता है।
Research में दरखास्त को छोटी offering और उसके बाद अर्जी को बड़ी offering के रूप में बताया गया है।
अर्जी और दरखास्त में क्या अंतर है?
इसे बहुत आसान तरीके से समझिए।
दरखास्त पहले लगती है। इसे छोटी offering बताया गया है। इसके बाद अर्जी लगती है, जिसे उससे बड़ी offering बताया गया है।
यानी दोनों बिल्कुल अलग-अलग चीजें नहीं हैं। दोनों एक ही प्रक्रिया से जुड़ी हुई हैं, लेकिन उनका क्रम और offering का आकार अलग है।
| बात | दरखास्त | अर्जी |
|---|---|---|
| आम बोलचाल का नाम | छोटी अर्जी | बड़ी अर्जी |
| कब | पहले | दरखास्त के बाद |
| आकार | छोटी offering | बड़ी offering |
| सामान्य अर्थ | प्रार्थना / निवेदन | प्रार्थना / निवेदन |
| वर्तमान कीमत | ₹51 | ₹151 |
| क्रम | प्रक्रिया की शुरुआत | इसके बाद की प्रक्रिया |
नोट: ₹51 और ₹151 वर्तमान व्यवस्था के अनुसार हैं। समय के साथ मंदिर की व्यवस्था या कीमत में बदलाव हो सकता है।
पहले दरखास्त लगती है या अर्जी?
इसका जवाब सीधा है—पहले दरखास्त और उसके बाद अर्जी।
दरखास्त को छोटी offering बताया गया है, जिससे प्रक्रिया शुरू होती है। इसके बाद अर्जी की जाती है, जिसे उससे बड़ी offering बताया गया है।
इसलिए अगर कोई पूछे कि छोटी अर्जी और बड़ी अर्जी में पहले कौन आती है, तो याद रखें—छोटी अर्जी यानी दरखास्त पहले और बड़ी अर्जी यानी अर्जी बाद में।
अगर आप अर्जी लगाने की पूरी प्रक्रिया जानना चाहते हैं, तो मेहंदीपुर बालाजी में अर्जी लगाने का तरीका वाली पोस्ट पढ़ सकते हैं।
अर्जी और दरखास्त की प्रक्रिया कैसी है?
दोनों की प्रक्रिया आपस में काफी मिलती-जुलती है। Research में बताया गया है कि दरखास्त के बाद अर्जी की प्रक्रिया होती है और अर्जी की प्रक्रिया दरखास्त की प्रक्रिया के समान रहती है।
इसमें बालाजी, भैरोंजी और प्रेतराज के दरबार में offering की जाती है। पुजारी offering का कुछ हिस्सा लेकर वहां जल रही पवित्र अग्नि में अर्पित करते हैं।
यानी अर्जी और दरखास्त में सबसे बड़ा फर्क उनकी पूरी विधि का नहीं, बल्कि क्रम और offering के आकार का है।
अर्जी की वर्तमान कीमत कितनी है?
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार दरखास्त ₹51 और अर्जी ₹151 की है। आम बोलचाल में इन्हें क्रमशः छोटी अर्जी और बड़ी अर्जी भी कहा जाता है।
यह कीमत वर्तमान जानकारी के आधार पर दी जा रही है। मंदिर की व्यवस्था और कीमत भविष्य में बदल सकती है, इसलिए यात्रा के समय वहां की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
अर्जी का उद्देश्य क्या बताया गया है?
Research में अर्जी को case को आगे चलाते रहने से जोड़ा गया है। इसमें बताया गया है कि मरीजों को case के सफल निष्कर्ष तक अर्जी रोज लगाने की सलाह दी जाती थी।
आसान भाषा में कहें तो अर्जी को केवल शुरुआत की चीज नहीं बताया गया, बल्कि आगे की प्रक्रिया से भी जोड़ा गया है।
अर्जी के बाद पेशी क्या होती है?
Research में अर्जी के बाद आने वाले अगले चरण को पेशी बताया गया है। यहां पेशी का संबंध case की hearing या court में appearance से बताया गया है।
इस पूरे क्रम को आसान शब्दों में ऐसे समझ सकते हैं:
छोटी अर्जी (दरखास्त) → बड़ी अर्जी (अर्जी) → पेशी
दरखास्त के बारे में और जानकारी
अगर आप सिर्फ दरखास्त के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हैं—जैसे वह क्या है, वर्तमान कीमत क्या है और उसे कैसे लगाया जाता है—तो मेहंदीपुर बालाजी की दरख्वास्त क्या है और इसे कैसे लगाते हैं? वाली पोस्ट पढ़ सकते हैं।
आसान भाषा में पूरी बात
अगर आपको पूरी बात बस एक मिनट में समझनी हो, तो इतना याद रखें:
दरखास्त = छोटी अर्जी
अर्जी = बड़ी अर्जी
छोटी अर्जी पहले होती है और बड़ी अर्जी उसके बाद।
वर्तमान व्यवस्था में दरखास्त ₹51 और अर्जी ₹151 की है। दोनों एक ही प्रक्रिया से जुड़ी हैं, लेकिन उनका क्रम और offering का आकार अलग बताया गया है।
निष्कर्ष
मेहंदीपुर बालाजी में अर्जी और दरखास्त को समझना मुश्किल नहीं है। बस उनका क्रम याद रखना है। दरखास्त पहले होती है और अर्जी उसके बाद।
आम बोलचाल में दरखास्त को छोटी अर्जी और अर्जी को बड़ी अर्जी कहा जाता है। Research में भी दरखास्त को छोटी offering और अर्जी को बड़ी offering के रूप में बताया गया है।
वर्तमान व्यवस्था में दरखास्त ₹51 और अर्जी ₹151 की है। कीमत या व्यवस्था में बदलाव हो सकता है, इसलिए यात्रा के समय वर्तमान जानकारी जरूर देख लें।
स्रोत एवं संदर्भ
Antti Pakaslahti — Family-Centered Treatment of Mental Health Problems at the Balaji Temple in Rajasthan
अर्जी और दरखास्त के क्रम, उनके अंतर, offering तथा अर्जी के आगे की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी शोध-पत्र के pp. 141–142 पर आधारित है।
वर्तमान कीमत: ₹51 दरखास्त और ₹151 अर्जी की जानकारी साइट की वर्तमान प्रकाशित जानकारी से tally की गई है।






बहुत ही उम्दा जानकारी।