कहाँ स्थित है माँ बाल सुंदरी देवी का मन्दिर और कहाँ लगता है चैती मेला ?
माँ बाल सुंदरी देवी का मंदिर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर नामक नगर में स्थित है, जहाँ प्रति वर्ष चैत्र माह के नवरात्रि काल में एक मेला लगता है जो कि इसी कारण से चैती मेला के नाम से विख्यात है। यह कुंडेश्वरी मार्ग पर आयोजित होता है।◉ IGNCA — Chaiti Mela, Kashipur

कुंडेश्वरी मार्ग का यह क्षेत्र महाभारत से संबंधित परंपराओं से जुड़ा माना जाता है और इसी क्षेत्र में बालासुंदरी देवी का मंदिर स्थित है और माँ बाल सुंदरी देवी मन्दिर के पास स्थित क्षेत्र में प्रतिवर्ष चैती मेला लगता है।◉ IGNCA — Chaiti Mela, Kashipur
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इस अवसर पर श्रद्धालु माँ बाल सुंदरी देवी को प्रसाद चढ़ाने दूर – दूर से यहाँ आते हैं। माँ बालासुन्दरी के विषय में माना जाता है कि इन दिनों जो भी मनोकामना माँगी जाती है, वह जरूर ही पूरी होती है । नवरात्रि काल में अष्टमी, नवमी व दशमी की तिथि पर यहाँ श्रद्धालुओं का तो जनसैलाब फूट पड़ता है । ◉ IGNCA — Chaiti Mela, Kashipur
माँ बालासुन्दरी के अलावा यहाँ शिव मंदिर, भगवती ललिता मंदिर, बृजपुर वाली देवी के मंदिर, भैरव व काली के मंदिर हैं ।

माँ बालासुन्दरी का स्थाई मंदिर काशीपुर नगर में अग्निहोत्री ब्राह्मणों के यहाँ बना हुआ है । चंदराजाओं से यह भूमि उन्हे दान में प्राप्त हुई थी । लेकिन कालांतर में इस भूमि पर बालासुन्दरी देवी का मन्दिर का शिलान्यास किया गया । माँ बालासुन्दरी देवी की प्रतिमा स्वर्णनिर्मित बताई जाती है।◉ IGNCA — Chaiti Mela, Kashipur
चैती मेले का उल्लेख स्वतंत्रता-पूर्व भारत के बाद के सरकारी अभिलेखों में भी मिलता है। भारत की 1961 की जनगणना के Fairs and Festivals in Uttar Pradesh में काशीपुर के “Bal Sundary Devi (Chaiti)” मेले को दर्ज किया गया है। अभिलेख में इस मेले की तिथि चैत्र शुक्ल पंचमी से द्वादशी तक दी गई है।◉ Census of India, 1961 — p. 24
इस स्थल के पंडे अग्निहोत्री ब्राह्मण हैं। स्थानीय परंपरा के अनुसार, मुगल शासन काल में यह मंदिर अस्तित्व में आया और इसे तत्कालीन मुगल बादशाह से सहायता प्राप्त होने की बात कही जाती है।◉ IGNCA — Chaiti Mela, Kashipur

चैती मेला – आकर्षण :-
चैत्र नवरात्रि मे लगने वाले इस चैती मेले मे आकर्षक दुकाने, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, झूले, सर्कस आदि इस मेले के आकर्षण हैं जो कि पूरे देश में विख्यात है।◉ Ministry of Tourism — Chaiti Mela
चैती मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं रहा, बल्कि कुमाऊँ क्षेत्र के पारंपरिक व्यापारिक मेलों में भी इसका महत्वपूर्ण स्थान था। एक शोध-अध्ययन के अनुसार, पुराने समय में काशीपुर का चैती मेला घोड़ों के व्यापार का प्रसिद्ध केंद्र था। उस समय हल्द्वानी, रामनगर, बरेली और मुरादाबाद जैसे क्षेत्रों से लोग घोड़े खरीदने के लिए यहाँ आते थे। आधुनिक परिवहन साधनों के विस्तार के बाद घोड़ों के व्यापार की आवश्यकता कम होने से मेले का यह पुराना व्यापारिक स्वरूप भी बदल गया।
◉ Research Paper — Chaiti Mela & Horse Trade
माँ बाल सुंदरी देवी को बलिदान देने की प्रथा :-
नवविवाहित जोड़े आस्था स्वरूप यहाँ आकर प्रसाद चढ़ाते हैं और माँ बाल सुंदरी देवी का आशीर्वाद लेते हैं।◉ IGNCA — Chaiti Mela, Kashipur
माँ को बलिदान देने की प्रथा यहां प्राचीन काल से ही रही है परन्तु बलि प्रथा हालाँकि होने के बाद अब बकरों के स्थान पर जायफल और नारियल की बलि दी जाए जाने लगी है।

अग्निहोत्री ब्राह्मण के निवास स्थान से माँ बाल सुंदरी देवी का डोला चैती मेले के लिए निकलता है जिसमे ये ब्राह्मण डोले मे बैठते हैं और माँ बाल सुंदरी की स्वर्ण प्रतिमा को गोदी मे बिठा कर मेले तक लाया जाता है। डोले को चारो तरफ से श्रद्धालु जन अपने कंधो पर रख कर लाते हैं और माँ को मेले तक पहुंचाते हैं। इसी प्रकार से दशमी तिथि को वापिस पंडा घराने पहुँचाया जाता है।
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स्रोत और संदर्भ
काशीपुर में चैत्र नवरात्रि के दौरान आयोजित चैती मेले, बालासुंदरी देवी मंदिर, कुंडेश्वरी मार्ग तथा मेले की स्थानीय धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं का विवरण।
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चैती मेले के धार्मिक एवं व्यावसायिक महत्व तथा मेले में दुकानों, सर्कस, खेलों और स्थानीय वस्तुओं की बिक्री से संबंधित विवरण।
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EPH – International Journal of Business & Management Science, Vol. 2, Issue 1, March 2016, pp. 10–14. DOI: 10.53555/eijbms.v2i1.46. शोध-पत्र में काशीपुर के चैती मेले के पुराने घोड़ा-व्यापार और उससे जुड़े क्षेत्रीय व्यापारिक महत्व का अध्ययन किया गया है।
मूल शोध-पत्र / DOI देखें ↗
काशीपुर के “Bal Sundary Devi (Chaiti)” मेले का सरकारी अभिलेख। मेले की अवधि Chaitra Sudi 5–12 दर्ज है। p. 24.
मूल सरकारी अभिलेख देखें ↗






आपने यहाँ पर बुक्सों के बारे में नहीं लिखा कि ये उनकी पूजनीय व कुलदेबी है । वैसे आपकी पोस्ट बेहतरीन लगी। जय मां बाल सुंदरी चैती मेला काशीपुर
Jai Maa Balsundari
जय माता बाल सुंदरी जी